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Friday, 6 February 2015

केदारनाथ सिंह - दमदार भोजपुरिया

केदारनाथ सिंह - (१०)
76 वर्ष, - साहित्यकार



केदारनाथ सिंह का जन्म भी भोजपुरी माटी में 20 नवबंर, 1934 को बलिया जिले के ग्राम चकिया, उत्तर प्रदेश में हुआ था। बलिया जिले से निकलकर केदारनाथ सिंह पूरे विश्व-पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहे हैं।

कविता संग्रह:-
अभी बिल्कुल अभी, जमीन पक रही है, ताल्सताय और साइकिल, ’तीसरा सप्तक’ में शामिल रचनाएँ, अकाल में सारस, यहाँ से देखो, बाघ, उत्तर कबीर और अन्य कविताएँ, सृष्टि पर पहरा।

कुछ रचनाएँ:-
मंच और मचान (लम्बी कविता), हाथ, जाना, दिशा, बनारस, प्रिय पाठक, पाँचवी चिट्ठी, नए कवि का दुख, तुम आयीं, जब वर्षा शुरु होती है, बुनाई का गीत, शहरबदल, सन् ४७ को याद करते हुए, नदी, आदि

कविता संग्रह ’अकाल में सारस’ के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार (1989), मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार, कुमार आशान पुरस्कार (केरल), दिनकर पुरस्कार, जीवनभारती सम्मान (उड़ीसा) और व्यास सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान और पुरस्कार से सम्मानित।

आलोचनाः
भोजपुरी भाषा और साहित्य के प्रति उदासिन रवैया।