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Monday, 9 February 2015

प्रो. गुरुशरण सिंह - दमदार भोजपुरिया

प्रो. गुरुशरण सिंह - (33)
56 वर्ष, शिक्षा

दमदार वक्ता


भोजपुरी भाषा-साहित्य को अकादमिक रूप देने में प्रो. गुरूशरण सिंह का अहम योगदान रहा है। एस.पी.जैन महाविद्यालय, सासाराम में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्य कर रहे प्रो. गुरूशरण सिंह के मार्गदर्शन में आधे दर्जन से ज्यादा छात्र भोजपुरी-साहित्य में शोध कर रहे हैं अथवा कर चुके हैं। 

इग्नू के लिए भोजपुरी पाठ्क्रम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रो. गुरूशरण सिंह अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन के महामंत्री हैं। 

देश के तमाम पत्र-पत्रिकाओं में प्रो. गुरूचरण जी द्वारा रचित भोजपुरी साहित्य का प्रकाशन होता रहा है। भोजपुरी सम्मेलन पत्रिका के समन्वय संपादक रूप में प्रो. सिंह ने भोजपुरी को एक समृद्ध करने का कार्य उन्होंने किया। 

आलोचनाः
भोजपुरी को अकादमिक रूप से स्थापित करने में सहयोगी रहे गुरूशरण जी को लेकर आलोचकों का कहना है कि उन्हें किताब लेखन पर और ध्यान देना चाहिए।