Showing posts with label Manoj Tiwari. Show all posts
Showing posts with label Manoj Tiwari. Show all posts

Saturday, 14 January 2017

भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची की ओर : मनोज तिवारी


नई दिल्‍ली: इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के साथ ही भोजपुरी साहित्य और आंदोलन के मुद्दे पर खूब जोरदार चर्चा हुई । सांसद और दिल्‍ली भाजपा के अध्‍यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सरकार ने भोजपुरी को संवैधानिक मान्‍यता देने का मन पूरी तरह से बना लिया है और संसद के अगले सत्र में भोजपुरी की संवैधानिक मान्‍यता संबंधी बिल के संसद में पेश होने की पूरी उम्‍मीद है । इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में पत्रिका 'भोजपुरी पंचायत' द्वारा अपने प्रकाशन के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित भोजपुरी साहित्‍यांदोलन कार्यक्रम में मॉरिशस के कला व संस्‍कृति मंत्री पृथ्‍वीराज सिंह रूपन, भारत में मारीशस के उच्‍चायुक्‍त श्री जगदीश्‍वर गोवर्धन, भोजपुरी सिनेस्‍टार, लोकगायक, सांसद एवं भाजपा के दिल्‍ली प्रदेश अध्‍यक्ष मनोज तिवारी, भोजपुरी समाज दिल्‍ली के अध्‍यक्ष अजीत दुबे, सासाराम महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्‍यक्ष गुरूशरण सिंह, बिहारी कनेक्‍ट के अध्‍यक्ष उदेश्‍वर सिंह, पूर्वांचल एकता मंच के अध्‍यक्ष शिवजी सिंह की मौजूदगी में सम्‍पन्‍न इस कार्यक्रम में भोजपुरी पत्रकारिता, साहित्‍य, संस्‍कृति, कला व सिनेमा सहित भोजपुरी से जुड़े अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई और भोजपुरी को जल्‍द से जल्‍द संवैधानिक मान्‍यता देने की मांग भी की गई ।  लोकगायक, सांसद एवं भाजपा के दिल्‍ली प्रदेश अध्‍यक्ष मनोज तिवारी ने भोजपुरी की मिठास, विस्तार और समृद्धि पर बात करते हुए भोजपुरी पंचायत द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते रहे। उन्होंने बताया की अब वह समय दूर नहीं, जब भोजपुरी संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कर ली जाएगी। वे 'भोजपुरी-पंचायत' द्वारा किये जा रहे कार्यों से अभिभूत थे। उन्होंने मंच से बोलते हुए कहा कि कुलदीप भाई का कार्य निश्चय ही सराहनीय है। ये पूरी निष्ठा एवं मेहनत से पत्रिका को निकालते हैं। उन्होंने पत्रिका के हर कार्यक्रम में आने का वादा भी किया। 
भोजपुरी समाज दिल्‍ली के अध्‍यक्ष अजीत दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि यह गौरव की बात है कि मॉरीशस सरकार ने मॉरीशस में भोजपुरी को संवैधानिक मान्‍यता प्रदान कर रखी है और अब भारत में भी वर्तमान सरकार ने भोजपुरी को संवैधानिक मान्‍यता देने का मन बना लिया है । लेकिन हिंदी के कुछ विद्वान भोजपुरी की संवैधानिक मान्‍यता की राह में रोड़ा अटकाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि सच्‍चाई ये है कि भोजपुरी की संवैधानिक मान्‍यता से हिंदी का कोई नुकसान नहीं होने जा रहा है । उन्‍होंने कहा कि भोजपुरी का हिंदी से कोई विरोध नहीं है ।    
इस अवसर पर मॉरीशस के कला व संस्‍कृति मंत्री पृथ्‍वीराज सिंह रूपन तथा भारत में मारीशस के उच्‍चायुक्‍त श्री जगदीश्‍वर गोवर्धन ने भारत और मारीशस के प्रगाढ़ आपसी संबंधों तथा एक समान भाषा, संस्‍कृति, परम्‍परा और  रीति-रिवाजों को याद करते हुए कहा कि हमारी जड़ें भारत में हैं और हमारा सौभाग्‍य है कि हमें यहां पर इतना मान-सम्‍मान प्रदान किया जाता है । 

सासाराम महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्‍यक्ष गुरूशरण सिंह ने भोजपुरी के विकास और समृद्धि में पत्र-पत्रिकाओं के योगदानो की चर्चा करते हुए अनवरत रूप से 'भोजपुरी-पंचायत' का निकलना अनुकरणीय और सराहनीय है। बिहारी कनेक्‍ट के अध्‍यक्ष उदेश्‍वर सिंह ने विश्व स्तर पर भोजपुरी के कार्यक्रमों के आयोजनों की चर्चा करते हुए पत्रिका के योगदानों की सराहना करते हुए भोजपुरी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पूर्वांचल एकता मंच के अध्‍यक्ष शिवजी सिंह ने बताया कि भोजपुरी केवल भाषा ही नहीं, एक संस्कृति है। विश्व भोजपुरी सम्मलेन के आयोजन द्वारा उनका यही प्रयास रहता है कि भाषा और संस्कृति की समृद्धि हो। इसमें साहित्यिक रूप से चर्चाओं और कवि-सम्मेलनों का आयोजन अनुकरणीय है। इसी क्रम में पत्रकार व 'भोजपुरी संसार' के संपादक मनोज श्रीवास्‍तव ने भी भोजपुरी से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों पर अपने विचार रखते हुए भोजपुरी पंचायत की कल्पना और उसके अनवरत सफर पर विषय-परिवर्तन के रूप में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। सबने अपने-अपने पक्षों द्वारा भोजपुरी साहित्य की समृद्धि और इसके संवैधानिक सम्मान के लिए होते रहने वाले आंदोलनों पर विस्तृत विचार प्रस्तुत किया।
 कार्यक्रम में आये अतिथियों का स्वागत भोजपुरी पंचायत के संपादक कुलदीप श्रीवास्तव ने किया। जहाँ चर्चा सत्र का संचालन प्रो गुरुशरण सिंह ने किया वही बाकी सत्र का सञ्चालन व धन्यवाद ज्ञापन केशव मोहन पाण्डेय ने दिया। केशव मोहन पाण्डेय ने पत्रिका के साहित्यिक पक्ष को प्रस्तुत करते हुए बताया कि पत्रिका में भोजपुरी साहित्य की समृद्धि के लिए लगभग सभी विषयों पर साहित्यकारों के विचारों को प्रस्तुत किया जाता है। इसमें भाषा और संस्कृति के हर पक्ष पर विचार प्रस्तुत किया जाता है। पत्रिका में भोजपुरी साहित्यकारों को भरपूर मौका दिया जाता है और उनके बारे में जानकारी भी प्रस्तुत किया जाता है। 
उक्त कार्यक्रम में भोजपुरी साहित्य और आंदोलन से जुड़े विभूतियों को सम्मानित किया गया। भोजपुरी पंचायत द्वारा आयोजित इस 'साहित्यन्दोलन' कार्यक्रम में प्रो गुरुशरण सिंह, पाती पत्रिका के संपादक और श्रेष्ठ साहित्यकार डॉ अशोक द्विवेदी को, साहित्यकार डॉ जौहर शाफियाबादी को 'साहित्य-रत्न' से सम्मानित किया गया तो प्रसिद्ध व्यवसायी और समाजसेवी डॉ संजय सिन्हा को 'दमदार भोजपुरिया' का सम्मान दिया गया। 'भोजपुरी समाज' के अध्यक्ष अजीत दूबे को 'भोजपुरी-रत्न' से तथा पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवजी सिंह को 'पूर्वांचल सम्मान' से सम्मानित किया गया। सम्मान के इसी क्रम में 'बिहारी कनेक्ट' के उदेश्वर सिंह, मधुवेंद्र राय और ज्योतिषाचार्य पं राकेश पाण्डेय, हरि नारायण राय और भोजपुरी संसार के संपादक मनोज श्रीवास्तव को 'भोजपुरी गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया। भारत में मॉरिशस के उच्चायुक्त श्री जगदीश गोवर्धन को 'भारत मॉरिशस मैत्री सम्मान' से सम्मानित किया गया। लोक कलाकार विपुल नायक को 'भिखारी ठाकुर सम्मान' तथा मॉरिशस के कला और संस्कृति मंत्री पृथ्वीराज सिंह रूपं को 'डॉ राजेंद्र प्रसाद सम्मान' से सम्मानित किया गया।

 इस अवसर पर भोजपुरी कवि देवकांत पाण्डेय 'देव', हेलो भोजपुरी के संपादक राजकुमार अनुरागी, अमरेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, सुनील सिन्हा, रीता मिश्रा, नरेन्द्र कुमार सिंह - अध्यक्ष बिहारी संस्कृति मंच, लेखक आर के सिन्हा, राकेश परमार, सुजीत कुमार श्रीवास्तव आदि अनेक कवि, लेखक, वकील, अध्‍यापक, समाजसेवी, पत्रकार व अन्‍य बुद्धिजीवी उपस्थित थे ।

Friday, 13 February 2015

मानसून-सत्र में भोजपुरी को मान्यताः मनोज तिवारी


एक साल बाद फिर से दिल्ली विधान सभा का चुनाव 7 फरवरी को होने जा रहा है, पिछले चुनाव में पिछली बार किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. इस बार केंद्र में सरकार बना चुकी भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों दिल्ली में सरकार बनाने का दावा कर रही हैं और दोनों में कांटे की टक्कर चल  रहा है. पिछले चुनाव में आप को पूर्वांचलियांे ने पूरा सपोर्ट किया था. इसी को देखते हुए भाजपा ने भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता-गायक और नार्थ ईस्ट दिल्ली के संसद मनोज तिवारी को पूर्वांचली वोटों का ध्रुर्वीकरण के लिए लगाया है और मनोज इस काम में लग भी गए  है. अभिनेता  से राजनेता बने मनोज बड़ी तेजी से राजनेता के रूप में लोकप्रिय हो रहे है. तभी तो झारखण्ड चुनाव में प्रधानमंत्री के बाद मनोज तिवारी की सबसे ज्यादा मांग थी, और मनोज ने सबसे ज्यादा 42 जनसभाएं की और झारखण्ड बनने के बाद पहली बार पूर्ण बहुमत की बीजेपी सरकार बनी है. अब दिल्ली की बारी है.  हाल ही में संसद मनोज तिवारी से भोजपुरी पंचायत ने बातचित किया। प्रतुस्त है बाचीत का प्रमुख अंशः

भोजपुरी कब तक आठवी अनुसूची में शामिल होइ? 
पांचवा सत्र में !

पाचवा सत्र यानी मानसून सत्र में?
हाँ

बिहार चुनाव के पहले?
हँसे, नहीं में ये शुरू की कह रहा हूँ कि 2015 में भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता मिल जाएगी। हमारी जिम्मेदारी है कि भोजपुरी को जल्द से जल्द आठवी अनुसूची में शामिल कर लिया जाए.  प्रधानमंत्री मोदी जी एवं गृहमंत्री जी बहुत गंभीर है.

अभिनेता से सांसद बने लोगो का ट्रैक रिकाॅर्ड अच्छा नहीं रहा है, वो काम नहीं करते, आपने अपने ७ महीने में क्या काम किया है?
मैंने अब तक 586 करोड़  का काम कराया रहा हूँ, इनमें से कई काम पूरा हो चुका हैं और कई काम बड़ी तेजी से हो रहे हैं। 277  करोड़ का पावर स्टेशन बन चुका है, हर्षविहार में जिसका उत्घाटन अरुण जेटली जी एवं पियूष गोयल जी किया। 100 से 125 करोड़  का सीवर, रोड, पार्क आदि का काम भी कम्पलीट हो चुका है.

इसके अलावे जो कोंग्रेस सरकार और आम आदमी के समय से रुका हुआ कई काम पड़ा था उसको फण्ड मुहैया कराकर तेजी से पूरा करवाया, जो 1500 करोड़ से ऊपर का है, उसमे 586 करोड़ का काम जोड़ देंगे तो ये 2000 हजार करोड़ का आँकड़ा पार कर जाएगा. जो ७ महीने में रिकार्ड काम करने की कहानी बयान कर रहा है.

दिल्ली चुनाव में आम आदमी से भाजपा को कड़ी ठक्कर मिल रही हैं, भाजपा की क्या रणनीति हैं?
ऐसा कुछ नहीं हैं, चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ‘आठ आदमी पार्टी’ बनकर रह जाएगी। क्योंकि
किरण बेदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनाने जा रही हैं।

Friday, 6 February 2015

मनोज तिवारी - दमदार भोजपुरिया

मनोज तिवारी (3)
43 वर्ष, राजनीती 




मनोज तिवारी के लिए 2014 राजनीतिक रूप से एक नया सवेरा लेकर आया। एक बार राजनीतिक रूप से गोरखपुर से मात खाने के बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली ने उन्हें गले से लगा लिया और अपना सांसद बनाकर नरेन्द्र मोदी के कुनबे को मजबूति प्रदान की।  

बिहार के कैमुर जिला में स्थित भभुआ के अतरवलिया गाँव में 1 फरवरी 1971 को स्व. चन्द्रदेव तिवारी के घर जन्में मनोज तिवारी की प्रसिद्धि लोक-गायिकी से हुई। फिर भोजपुरी फिल्म ससुरा बड़ा पइसा वाला ने उनको भोजपुरी फिल्मी दुनिया में एक नयी बुलंदी पर पहुंचाया। वर्तमान में अभिनेता से नेता बने मनोज तिवारी पर भोजपुरिया माटी के लोगन के आवाज संसद में उठाने की जिम्मेदारी है। हालांकि नेता बनने के बाद मनोज तिवारी अपने लोगों के बीच देखे जा रहे हैं, यह स्वभाव उन्हें आगे और उपलब्धि दिलायेगा।

आलोचना

मनोज तिवारी के निर्णयों को दूसरे लोग प्रभावित कर देते हैं। इस बात को लेकर मनोज तिवारी के शुभचिंतक परेशान रहते हैं। मनोज तिवारी यदि खुद का सुने तो वो ज्यादा बेहतर कर सकते हैं।